50 साल की दादी ने पास की 12वीं - शिक्षा कभी देर से नहीं होती

50 साल की उम्र में 12वीं पास करने वाली दादी की यह कहानी साबित करती है कि शिक्षा कभी देर से नहीं होती। जानिए उन्होंने कैसे 32 साल बाद फिर से पढ़ाई शुरू की।

📖 पोस्ट की शुरुआत (Introduction):

क्या आपने कभी सोचा है कि पढ़ाई सिर्फ बच्चों और युवाओं के लिए होती है? अगर हाँ, तो यह कहानी आपके सोचने का तरीका बदल सकती है।

50 साल की उम्र में 12वीं पास करने वाली दादी: यह कहानी साबित करती है कि शिक्षा कभी देर से नहीं होती


दादी सुमन देवी की प्रेरणादायक कहानी

क्या आपने कभी सोचा है कि पढ़ाई सिर्फ बच्चों और युवाओं के लिए होती है? अगर हाँ, तो यह कहानी आपकी सोच बदल देगी।
50 साल की उम्र में 32 साल बाद दोबारा पढ़ाई शुरू करके 12वीं की परीक्षा पास करने वाली यह दादी आज लाखों लोगों के लिए मिसाल बन चुकी हैं। उनका नाम है सुमन देवी (नाम बदला गया है)।

यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ चुके हैं, लेकिन मन में आज भी एक सपना ज़िंदा है।


🌟 दादी सुमन देवी की प्रेरणादायक कहानी

सुमन देवी ने 18 साल की उम्र में शादी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। घर-परिवार, बच्चों की जिम्मेदारियों में उनका जीवन गुजरता गया। लेकिन उनके दिल में हमेशा यह इच्छा रही कि काश वे 12वीं पास कर पातीं।

जब वे अपने बच्चों और बाद में पोते-पोतियों को पढ़ते हुए देखतीं, तो उन्हें फिर से पढ़ाई करने की प्रेरणा मिलती। मन में यही चलता रहता –
“क्या अब बहुत देर हो चुकी है?”
लेकिन 2025 में उन्होंने इस डर को तोड़ दिया।

उन्होंने ओपन बोर्ड के जरिए 12वीं के लिए फॉर्म भरा और अपने जीवन की सबसे साहसिक शुरुआत की।


📚 पढ़ाई का तरीका

सुमन देवी रोज़:

  • 2 से 3 घंटे पढ़ाई करती थीं

  • मोबाइल और टीवी से दूरी बनाए रखी

  • बच्चों के साथ बैठकर किताबें पढ़ती थीं

  • नोट्स खुद बनाती थीं

  • पुराने सवाल-पत्र हल करती थीं

उनका मानना था:

“अगर मन ठान लिया जाए तो उम्र सिर्फ एक नंबर होती है।”


🎯 चुनौतियाँ और उनका समाधान

उनके सामने कई मुश्किलें थीं:

📉 उम्र के कारण चीजें जल्दी याद न रहना
👩‍👧‍👦 घर और परिवार की जिम्मेदारियाँ
📱 मोबाइल और तकनीकी चीज़ों को समझने में परेशानी

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
परिवार ने पूरा साथ दिया। बच्चों ने ऑनलाइन फॉर्म भरने से लेकर पढ़ाई में मदद तक सब कुछ किया।


🏆 सफलता की कहानी

लगातार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर सुमन देवी ने 12वीं की परीक्षा
68% अंकों के साथ पास कर ली।

उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं थी, बल्कि:

  • एक अधूरा सपना पूरा होना

  • खुद पर भरोसा जीतने की जीत

  • समाज को एक मजबूत संदेश देना था


💬 उनकी सीख

सुमन देवी कहती हैं:

“पढ़ाई के लिए कोई उम्र नहीं होती। अगर मन में सीखने की चाह है, तो शुरुआत आज ही करनी चाहिए।”


निष्कर्ष

यह कहानी हमें सिखाती है कि:

  • सपने कभी पुराने नहीं होते

  • शिक्षा का रास्ता कभी बंद नहीं होता

  • देर सिर्फ तब होती है जब हम कोशिश करना छोड़ देते हैं

50 साल की उम्र में 12वीं पास करके सुमन देवी ने यह साबित कर दिया कि


सीखने की कोई उम्र नहीं होती।”

अगर आप भी कभी पढ़ाई अधूरी छोड़ चुके हैं, तो यह कहानी आपके लिए एक नया शुरुआत करने का संकेत है।

Post a Comment

0 Comments